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मुख्य रिपोर्ट

आईपीसीसी छठी मूल्यांकन रिपोर्ट (2021)

स्रोत: जलवायु परिवर्तन पर अंतर सरकारी पैनल (आईपीसीसी)
लेखक: आईपीसीसी वर्किंग ग्रुप I

रिपोर्ट जलवायु प्रणाली और जलवायु परिवर्तन की नवीनतम भौतिक समझ को स्पष्ट करती है, जलवायु विज्ञान में नवीनतम प्रगति व प्रमाणों को एक साथ लाने और जलवायु संकट से निपटने के लिए तत्काल कार्य करने के लिए मानवता की महत्वपूर्ण आवश्यकता को रेखांकित करती है ।

जैव विविधता हानि पर भोजन प्रणाली का प्रभाव (2021)

स्रोत: चैथम हाउस
लेखक: टिम जी बेंटन, कार्लिंग बिग, हेलेन हरवाट, रोशन पुडासिनी और लौरा वेलेस्ले

ब्रिटेन के एक शीर्ष नीति सलाहकार निकाय द्वारा सहयोग किया गया, यह पत्र जैव विविधता के नुकसान को बढ़ाने वाले प्रमुख कारण के रूप में वैश्विक खाद्य प्रणाली की भूमिका की पड़ताल करता है । यह बताता है कि कैसे खाद्य उत्पादन प्राकृतिक आवासों को नष्ट कर रहा है और प्रजातियों के विलुप्त कर रहा है। यह दस्तावेज जैव विविधता को बचाने और/या आगे जैव विविधता के नुकसान को रोकने के लिए खाद्य प्रणालियों को नया स्वरूप देने में शामिल चुनौतियों और व्यापार की कठिनाइयों की रूपरेखा तैयार करता है, और कार्रवाई के लिए सिफारिशें प्रस्तुत करता है ।

जलवायु परिवर्तन और भूमि पर आईपीसीसी विशेष रिपोर्ट (2020)

स्रोत: जलवायु परिवर्तन पर अंतर सरकारी पैनल (आईपीसीसी)
लेखक: आईपीसीसी कार्य समूह I, II और III

यह रिपोर्ट जलवायु परिवर्तन के अनुकूलन और उसके प्रभाव को कम करने, मरुस्थलीकरण,भूमिक्षरण और खाद्य सुरक्षा के संबंध में भूमि आधारित पारिस्थितिकी प्रणालियों, भूमि उपयोग और टिकाऊ भूमि प्रबंधन में ग्रीनहाउस गैस (GHG) उत्सर्जन के बारे में  बताती है

बदलती जलवायु, बदलते आहार: कम मांस की खपत के लिए रास्ते (2015)

स्रोत: चैथम हाउस
लेखक: लौरा वेलस्ले, कैथरीन हैपर और एंटोनी फ्रोगगेट

इस चैथम हाउस रिपोर्ट में आहार के महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रकाश डाला गया-विशेष रूप से मांस की खपत में-और किस तरह जलवायु परिवर्तन में इसका योगदान महत्वपूर्ण है । हमारी खाद्य प्रणाली को बदलने के रास्तों के साथ-साथ मुख्य समस्याओं और सिफारिशों को बताया है।

पुस्तकें

ब्रेकिंग बाउंड्रीज (2021)

लेखक: जोहान रॉकस्ट्रॉम और ओवेन गैफनी

मानव इतिहास में एक विनाशकारी भविष्य के मुहाने पर आज ये पुस्तक "प्लेनेटरी स्टीवर्डशिप" हमारे ग्रह के साथ हमारे रिश्ते के बारे में पुनर्विचार करने और हमारे भविष्य के लिए एक नया अध्याय लिखने की एक दृष्टि प्रस्तुत करता है।

उन लेखकों, जिनकी पुस्तकों की विषयवस्तु पर आधारित, सर डेविड अटेनबर्ग की परिकल्पना पर बनी नेटफकिक्स डाक्यूमेंट्री फ़िल्म जिसे 2021 की गर्मियों में प्रदर्शित किया गया, धरती की आपातकालीन स्थिति का पूर्ण रूप से खुलासा करती है और किस तरह हम धरती के जीवन आधारित तंत्र को संतुलित कर सकते हैं।

वैज्ञानिक अध्ययन

पशु आधारित खाद्य पदार्थों से वैश्विक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन पौध आधारित खाद्य पदार्थों के उत्सर्जन से दोगुने हैं

लेखक: जियामिंग एक्सयू, प्रतीक शर्मा, शिजी शू, त्जु-शगुन लिन, फिलिप सियाइस, फ्रांसेस्को एन तुबिलो, पीट स्मिथ, नेल्सन कैंपबेल और अतुल के जैन
प्रकाशित: 2021

सारांश:
कृषि और भूमि उपयोग ग्रीनहाउस गैस (जीएचजी) उत्सर्जन के प्रमुख स्रोत हैं, लेकिन पिछले अनुमान या तो सभी के औसत थे या विभिन्न पद्धतियों के माध्यम से प्राप्त उपक्षेत्रों के लिए स्थानिक विवरण प्रदान किए थे । एक नए मॉडल का उपयोग करके - सूचना एकीकरण दृष्टिकोण का उपयोग करना जो उपक्षेत्रों के बीच पूर्ण स्थिरता सुनिश्चित करता है, हम लगभग 2010 में पौधे और पशु आधारित मानव भोजन से दुनिया भर में उत्पादन और खपत आधारित ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन के स्थानिक रूप से स्पष्ट अनुमान प्रदान करते हैं। भोजन के उत्पादन से वैश्विक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन 17,318 ± 1,675 टीजीसीओ2प्रतिवर्ष के समानुपाती−1पायागया, जिसमें से 57% पशु आधारित भोजन (पशुओं के चारे-दाने सहित) के उत्पादन से है, 29% पौधे आधारित खाद्य पदार्थों के और 14% अन्य उपयोग के माध्यम से है। खेत प्रबंधन और भूमि उपयोग परिवर्तन कुल उत्सर्जन (क्रमशः 38% और 29%,) के प्रमुख भागों को बताया, जबकि चावल और गोमांस सबसे बड़ा योगदान पौध और पशु आधारित वस्तुओं (क्रमशः 12% और 25%,) थे, और दक्षिण और दक्षिण पूर्व एशिया और दक्षिण अमेरिका भोजन उत्पादन आधारित GHGs के सबसे बड़े उत्सर्जक थे ।

उत्पादकों और उपभोक्ताओं के माध्यम से भोजन के पर्यावरणीय प्रभावों को कम करना

लेखक: जे पोरे औरटी नेमेक
प्रकाशित: 2018

सारांश:
भोजन के पर्यावरणीय प्रभाव लाखों विविध उत्पादकों द्वारा उत्पन्न किये जाते हैं । इस विषमता के तहत प्रभावी समाधानों की पहचान करने के लिए, हमने पांच पर्यावरणीय संकेतकों को समझने करने वाली सूचना जिसमें 38,700 फार्म, 1600 मिलें, पैकेजिंग इकाईयां, खुदरा विक्रेता को इकट्ठा किया है। प्रभाव एक ही उत्पाद के उत्पादकों के बीच 50 गुना भिन्न हो सकते हैं, जिससे समस्या को कम करने के पर्याप्त अवसर पैदा होते हैं । हालांकि, प्रभाव को कम करने में अदला-बदली, आपूर्तिकर्ताओं में बातचीत आदि जटिल कार्य है। उत्पादक प्रभाव को कितना कम कर सकते हैं इसकी एक सीमा है । सबसे प्रमुख ये है, कि पशु उत्पादों का प्रभाव पौध उत्पादों के प्रभाव से अधिक है जो आहार परिवर्तन के महत्व के लिए नए सबूत प्रदान करते हैं । कुल मिला कर, हमारे निष्कर्ष एक ऐसे दृष्टिकोण का समर्थन करते हैं जहां उत्पादक अपने प्रभावों की निगरानी करते हैं, लचीले ढंग से कई प्रथाओं से चुनकर पर्यावरणीय लक्ष्यों को पूरा करते हैं, और उपभोक्ताओं को अपने प्रभावों के बारे में बताते हैं ।